सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जब खेती-किसानी घाटे का सौदा है तो भी इसे बाज़ार के हवाले क्यों नहीं करना चाहिए?


जब खेती-किसानी घाटे का सौदा है तो भी इसे बाज़ार के हवाले क्यों नहीं करना चाहिए?

        👉कृषि क्षेत्र को पूरी तरह कंपनियों के लिए खोल देने से छोटे और मझोले किसानों से भरे पड़े हिंदुस्तान की खेती किसानी से जुड़े किसान बर्बादी के रास्ते पर निकल पड़ेंगे।
     
👉कृषि क्षेत्र को पूरी तरह कंपनियों के लिए खोल देने से छोटे और मझोले किसानों से भरे पड़े हिंदुस्तान की खेती किसानी से जुड़े किसान बर्बादी के रास्ते पर निकल पड़ेंगे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जीवनबीमा पालिसी के अन्तरगत भुगतान

1.     दावा एक मांग है कि बीमा कंपनी को अनुबंध में निर्दिष्ट अपने वचन को पूरा करना चाहिए। 2.     दावे दो प्रकार के हो सकते हैं: a.     बीमित व्यक्ति के जीवित रहने पर भी उत्तरजीविता दावे देय होते हैं और b.     मृत्यु दावा 3.     दावों के प्रकार : 4.     उत्तरजीविता लाभों का भुगतान 5.     पॉलिसी का समर्पण 6.     राइडर लाभ 7.     परिपक्वता दावा :   इस तरह के दावों में बीमा कंपनी अवधि के अंत में बीमाधारक को एक निर्धारित राशि का भुगतान करने का वचन देती है ,  अगर बीमाधारक योजना की पूरी अवधि में जीवित रहता है। इसे परिपक्वता दावे के रूप में जाना जाता है । a.     सहभागी योजनाः  किसी सहभागी योजना के अंतर्गत परिपक्कता दावे के रूप में देय राशि संचित बोनस सहित बीमा राशि होती है इसमें से बकाया रहा प्रीमियम तथा पॉलिसी ऋण ब्याज सहित कम कर दिया जाता है । b.    ...

घर खरीदने के बजाय किराए पर रहें, इस तरह होगा लाखों रु का फायदा

घर खरीदने के बजाय किराए पर रहें, इस तरह होगा लाखों रु का फायदा एक घर का मालिक होना आम तौर पर हर भारतीय का सपना होता है। मगर महानगरों में आसमान छूती प्रॉपर्टी की कीमतों ने लोगों को खरीदने के बजाय किराए पर लेने का विकल्प चुनने पर मजबूर कर दिया है। पर ये विकल्प बुरा नहीं है। बल्कि कुछ लोग जो एक घर खरीद सकते हैं, उनके लिए खरीदने और किराए पर लेने के बीच का चुनाव हमेशा कठिन होता है। दरअस इन दोनों विकल्पों के निश्चित रूप से अपने अपने फायदे और नुकसान भी हैं। हम यहां आपको बताएंगे कि कैसे आप घर खरीदने के बजाय किराए पर लेकर लाखों रु का फायदा कर सकते हैं। घर खरीदने के फायदे पहले जानते हैं कि घर खरीदने पर आपको क्या-क्या फायदे मिलते हैं। यह सेफ्टी फील देता और घर का मालिक होना एक बड़ी बात है। किराया एक ऐसा खर्च है जो बिना किसी फिजिकल एसेट के हर महीने होता है। वहीं ईएमआई का भुगतान करने पर आपको घर भी मिलता है और एक साथ बड़ा खर्च भी नहीं होता। किराए पर घर लेने के साथ आपको अक्सर ट्रांसफर करना पड़ता है जिसमें बहुत अधिक समय, पैसा और ऊर्जा बर्बाद होती है, लेकिन घर के मालिक होने के मामले में ऐसा नहीं है। रिय...

अमर बलिदानी सरदार ऊधम सिंह: जीवन परिचय

अमर बलिदानी सरदार ऊधम सिंह का जीवन परिचय   जिनके दिल में सिर्फ और सिर्फ देश प्रेम की भावना और अंग्रेजों के प्रति अगम्य क्रोध भरा हुआ था. इन्होंने प्रतिशोध की भावना के फलस्वरुप पंजाब के पूर्व राज्यपाल माइकल ओ ड्वायर की हत्या कर दी थी. उधम सिंह 13 अप्रैल 1919 के दिन ,दिल दहला देने वाली घटना में करीब 1000 से अधिक निर्दोष लोगों की शव यात्रा देख ली थी। तभी से उनको गहरा आघात हुआ और उनके अंदर आक्रोश की भावना जागृत हो गई।  फिर क्या था ? उन्होंने अपने निर्दोष देशवासियों की मौत का बदला लेने के लिए संकल्प कर लिया. उन्होंने अपने संकल्प को अंजाम दिया फिर उसके बाद वह शहीद -ए -आजम सरदार उधम सिंह के नाम से भारत सहित विदेशों में भी प्रसिद्ध हो गए. आइए जानते हैं, इस महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी के बारे में. उधम सिंह का जीवन परिचय (Udham Singh Biography in Hindi) पूरा नाम ( Full Name) शहीद-ए-आज़म सरदार उधम सिंह माता /पिता ( Mother / Father ) नारायण कौर (या नरेन कौर) जन्म दिन( Birth Date)     26 दिसंबर 1899 जन्म स्थान ( Birth Place)      पंजाब के संगर...