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ई कामर्स : टाटा की तैयारी टाटा ग्रुप (Tata Group) ने अब ई-कॉमर्स (e-commerce) में अपनी जबरदस्‍त उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कमर कसी

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टाटा ग्रुप (Tata Group) ने अब ई-कॉमर्स (e-commerce) में अपनी जबरदस्‍त उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कमर कस ली है. टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) इसके लिए तगड़ा फंड जुटाने की तैयारियों में लगी है.

इसके लिए कंपनी कुछ फर्मों से कुछ-कुछ हिस्‍सेदारी बेचकर ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्मों और स्ट्रैटेजिक इंवेस्टर्स से फंड पर विचार कर रही है.

टाटा ग्रुप ने गोल्डमैन सॉक्‍स (Goldman Sachs) और जेपी मॉर्गन (JP Morgan) से इस संबंध में संपर्क किया है, ऐसा इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का दावा है. टाटा ग्रुप ई-कॉमर्स के साथ ही क्लीन एनर्जी (Energy) कारोबार के विस्‍तार के लिए भी पूंजी जुटाना चाहती है.


5,000 करोड़ का लक्ष्‍य

लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा समूह टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड, टाटा पावर और टाटा रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर समेत समूह की कुछ और कंपनियों में हिस्सेदारी बिक्री के माध्यम से 5,000 करोड़ रुपये जुटाने का प्‍लान बनाया है. टाटा समूह ग्रुप की भिन्‍न-भिन्‍न कंपनियों में प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए या फिर प्रमोटर हिस्सेदारी की बिक्री के माध्यम पूंजी जुटाने की तैयारी कर रही है.

TataNeu में होगा निवेश

टाटा अपने ई-कॉमर्स बिजनेस को और मजबूत करना चाहता है, जिसमें TataNeu भी शामिल है. टाटा यह सारी कवायद अपने महत्वाकांक्षी टाटा डिजिटल प्रोजेक्ट, टाटान्यू सुपर-ऐप (TataNeu super-app) वेंचर में निवेश के लिए कर रहा है. टाटा का इरादा TataNeu को जबरदस्‍त तरीके से बाजार में उतारने की है. इसके लिए वह फंड की किसी भी तरह की कमी नहीं चाहता.

कुछ दिन पहले एक नियामक फाइलिंग में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने कहा था कि उसका बोर्ड मंगलवार को बैठक करेगा, जिसमें विदेशी खरीदार को अपनी चुकता इक्विटी पूंजी के 1.5% के बराबर प्रेफरेंशियल शेयर जारी करके फंड जुटाने पर विचार किया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि गोल्डमैन सॉक्‍स और जेपी मॉर्गन संभावित निवेशक हो सकते हैं. हालांकि, इस विषय पर पूछने पर टाटा ग्रुप के प्रवक्‍ता ने कोई जवाब नहीं दिया.

टाटा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि टाटा समूह को अच्‍छी तरह पता है कि ई-कॉमर्स सेक्‍टर में जबरदस्‍त प्रतिस्‍पर्धा है और यहां पहले से मौजूद बड़े प्‍लेयर्स से बिना मजबूत वित्‍तीय फंड के मुकाबला नहीं किया जा सकता. इसलिए कंपनी का इरादा हर तरह से मजबूत होकर ही मैदान में उतरने की है.

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