सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मँहगाई डायन मारे जात: सरकार मस्ती में

अब इसकी शुरुआत हो चुकी है और सब्जियों से लेकर मैगी-कॉफी तक के दामों में बढ़ोत्तरी हो चुकी है. घर के रोजमर्रा की जरूरत के सामान के भावों में आचानक वृद्धि ने हर घर का बजट बिगाड़ दिया है.

सबसे पहले फ्यूल प्राइस की बात करें तों पिछले 17 दिनों में 14 बार पेट्रोल डीजल (Petrol-Diesel Rate) के भावों में वृद्धि हो चुकी है. साढ़े चार माह तक स्थिर रहे पेट्रोल डीजल के भाव में पहली बार 22 मार्च को उछाल आया था. इसके बाद हर सप्ताह फ्यूल के रेट में बढ़ोत्तरी की गई. दिल्ली में पेट्रोल 105.41 रुपये और डीजल 96.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. पेट्रोल डीजल के बढ़ते भाव के पीछे एक अहम वजह यूक्रेन-रशिया युद्ध भी है. दूसरी तरफ, सब्जियों की बात करें तो इस कारण घर का जायका ही बिगड़ गया है. पेट्रोल डीजल के भावों का असर ट्रांसपोर्टेशन पर पड़ा है और इसका सीधा असर इन दिनों सब्जियों के भावों में दिख रहा है.

टमाटर से लेकर नींबू (Tomato to Lemon Price) तक सभी सब्जियों के भावों में इतना उछाल आम लोगों को परेशान कर रहा है. टमाटर 40, लौकी 40, आलू 30 से 40, शिमला 60, बींस 100, भिंडी 100 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. गर्मी के फलों की बात करें तो तरबूज का भाव 40 से 48 रुपये, खरबूज 60 से 65 रुपये, संतरा 130 से 140 रुपये प्रति किलो और नारियल 40 से 50 रुपये प्रति पीस मिल रहा है. इसके अलावा सबसे ज्यादा दांत खट्टे नींबू ने कर रखे हैं. पेट्रोल डीजल के भाव और आवक कम होने के कारण इस बार नींबू सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है. नींबू का भाव 360 से 400 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है. ठेले वाले 10 से 12 रुपये में एक नींबू बेच रहे हैं.

सब्जियों के अलावा डेयरी उत्पादों पर भी महंगाई की मार साफ दिख रही है. अमूल दूध पर प्रति लीटर 2 रुपये बढ़ा दिए गए हैं. इसके अलाव दिल्ली एनसीआर में मदर डेयरी की ओर से भी 2 रुपये प्रति लीटर पर बढ़ा दिए गए हैं. इसके अलावा मदर डेयरी ने मार्च में हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी प्राइस बढ़ा दिए हैं. इस कारण चाय दूध पीना भी अब लोगों के बजट को प्रभावित कर रहा है.

वहीं, पिछले दिनों हिंदुस्तार यूनिलिवर लिमिटेड और नेस्ले ने भी चाय, कॉफी, नूडल्स आदि के प्राइस में इजाफा किया था. इस कारण अब स्नैक्स टाइम पर कॉफी-मैगी (Coffee-Maggie) भी बजट को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं. जी की एक खबर के अनुसार दुनिया भर में यूक्रेन और रशिया के युद्ध के कारण फूड मार्केट में रिकॉर्ड तोड़ उछाल आया है. यूएन की फूड एजेंसी के अनुसार लगातार दुनिया भर में फूड और आॅयल के प्राइस में वृद्धि देखी जा रही है. फूड एंड एग्रीकल्चर आॅ्र्गेनाइजेशन के फूड प्राइस इंडेक्स के अनुसार फूड का मार्केट 159.3 पॉइंट का इजाफा हुआ है. इससे पहले फरवरी में यह 141.4 पॉइंट पर था.

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जीवनबीमा पालिसी के अन्तरगत भुगतान

1.     दावा एक मांग है कि बीमा कंपनी को अनुबंध में निर्दिष्ट अपने वचन को पूरा करना चाहिए। 2.     दावे दो प्रकार के हो सकते हैं: a.     बीमित व्यक्ति के जीवित रहने पर भी उत्तरजीविता दावे देय होते हैं और b.     मृत्यु दावा 3.     दावों के प्रकार : 4.     उत्तरजीविता लाभों का भुगतान 5.     पॉलिसी का समर्पण 6.     राइडर लाभ 7.     परिपक्वता दावा :   इस तरह के दावों में बीमा कंपनी अवधि के अंत में बीमाधारक को एक निर्धारित राशि का भुगतान करने का वचन देती है ,  अगर बीमाधारक योजना की पूरी अवधि में जीवित रहता है। इसे परिपक्वता दावे के रूप में जाना जाता है । a.     सहभागी योजनाः  किसी सहभागी योजना के अंतर्गत परिपक्कता दावे के रूप में देय राशि संचित बोनस सहित बीमा राशि होती है इसमें से बकाया रहा प्रीमियम तथा पॉलिसी ऋण ब्याज सहित कम कर दिया जाता है । b.    ...

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना

<script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-5445741994229368"      crossorigin="anonymous"></script> मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना परिचय व आवश्यकता भारत का सामाजिक तानाबाना स्वयं में जटिल और संवेदी है। सामाजिक, धार्मिक, शैक्षिक और पारिवारिक परिस्थितियां महिलाओं और बालिकाओं के लिए अनादिकाल से भेदभाव पूर्ण रही है। समाज में प्रचलित कुरीतियां एवं भेद-भाव जैसेः कन्या भ्रूण हत्या, असमान लिंगानुपात, बाल विवाह एवं बालिकाओं के प्रति परिवार की नकारात्मक सोच जैसी प्रतिकूलताओं के कारण प्रायः बालिकायें/महिलायें अपने जीवन, संरक्षण, स्वास्थ एवं शिक्षा जैसे मौलिक अधिकारों से वंचित रह जाती हैं। इन सामाजिक कुरीतियों को दूर करने हेतु सरकारी और गैर-सरकारी स्तर पर निरन्तर प्रयास भी किये जा रहे हैं। इस परिवेश के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के रूप में नई पहल की जा रही है जो अत्यन्त आवश्यक है। राज्य सरकार द्वारा बालिकाओं एवं महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ विकास हे...

योगी सरकार देगी एक एक हजार देखें किसे होगा फायदा

योगी सरकार असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत मजदूरों को 1000-1000 रुपये की दो किस्तों में भरण पोषण भत्ता देगी। श्रम विभाग ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है। भत्ते की यह राशि असंगठित क्षेत्र के उन सभी मजदूरों को मिलेगी जो 31 दिसंबर तक उत्तर प्रदेश असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में पंजीकृत होंगे। प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में चार माह तक इन श्रमिकों को 500 रुपये प्रतिमाह देने के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। पंजीकृत श्रमिकों को दो किस्तों में यह धनराशि दी जाएगी। भत्ते की पहली किस्त के तौर पर एक हजार रुपये जनवरी में देने की तैयारी है।