1. दावा एक मांग है कि बीमा कंपनी को अनुबंध में निर्दिष्ट अपने वचन को पूरा करना चाहिए। 2. दावे दो प्रकार के हो सकते हैं: a. बीमित व्यक्ति के जीवित रहने पर भी उत्तरजीविता दावे देय होते हैं और b. मृत्यु दावा 3. दावों के प्रकार : 4. उत्तरजीविता लाभों का भुगतान 5. पॉलिसी का समर्पण 6. राइडर लाभ 7. परिपक्वता दावा : इस तरह के दावों में बीमा कंपनी अवधि के अंत में बीमाधारक को एक निर्धारित राशि का भुगतान करने का वचन देती है , अगर बीमाधारक योजना की पूरी अवधि में जीवित रहता है। इसे परिपक्वता दावे के रूप में जाना जाता है । a. सहभागी योजनाः किसी सहभागी योजना के अंतर्गत परिपक्कता दावे के रूप में देय राशि संचित बोनस सहित बीमा राशि होती है इसमें से बकाया रहा प्रीमियम तथा पॉलिसी ऋण ब्याज सहित कम कर दिया जाता है । b. ...
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